अपने बीमार पिता की सेवा करने अपनी 8वीं की पढ़ाई छोडकर गुरुग्राम गई थी ज्योति.ज्योति बिहार के दरभंगा की मूल निवासी हैं. ज्योति के सामने समस्या तब उत्पन्न हो गई जब पूरे देश में लॉकडाउन लगा. बीमार पिता के साथ शहर में गुजारा करना कठिन था इसलिए गांव जाने का निर्णय लिया. ज्योति साईकल से अपने पिता को पीछे बिठाकर खुद साईकल चलाते हुए गुरुग्राम से दरभंगा तक का 1200 किमी से भी ज्यादा का सफर साईकल से किया है. ज्योति के फ़ोटो ओर वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही करो तरफ उसकी सराहना होने लगी. देश विदेश में भी सराहना हुई. ज्योति की सराहना डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी इवांका ट्रम्प ने भी की और उसके हौसले को सराहा.
अब ज्योति के गांव पहुंचने पर वहां के जिला प्रशासन ने ज्योति के हौसले को बढ़ाने के लिए एक नई साईकल,9वीं क्लास में दाखिला कराया गया है तो वहीं चाइल्ड वेलफेयर असोसिएशन ने 5100 रुपये भी दिए हैं. इधर ज्योति के हौसले को देखते हुए भारत के साइकिलिंग फेडरेशन ने अगले महीने ट्रायल के लिए बुलाया है. ट्रायल में आने का खर्च फेडरेशन उठाएगा. -BOKARO HEADLINES