कोरोना महामारी के कारण पूरे देश भर से मजदूरों का पलायन जारी है.मजदूर जहां पहले काम कर अपनी रोजी रोटी चलाते थे तो अब लॉकडाउन के कारण उनके पास काम नहीं है और जीवन यापन मुश्किल हो गया है इसीलिए लोग पलायन कर रहे हैं.

लोग सही सलामत अपने घर पहुंच जाएं इसके लिए केंद्र सराकर राज्य सरकार की जरूरत के हिसाब से ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है. वहीं राज्य सरकार बसों के माध्यम से भी लोगों को अपने राज्य को ला रही है.लेकिन कुछ ऐसे जगह हैं जहां कम संख्या में लोग फंसे हैं और वहां से ट्रैन और बस से लोगों का लाना संभव नहीं है वैसे जगह से लोगों को लाने के लिए झारखंड सरकार ने एयरलिफ्ट का फैसला किया है.

झारखंड सरकार की कोशिश एयरलिफ्ट किये जा रहे हैं फंसे लोग

झारखंड सरकार ने देश में सबसे पहले केंद्र को हवाई जहाज से लोगों को लाने के लिए आज्ञा मांगी थी,जिसमे थोरी देरी तो हुई लेकिन जब पूरे देश में घरेलू विमान के उड़ान को अनुमति मिली तो इसका रास्ता साफ हो गया और अब देश के कई राज्यों से लोगों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है.

लेह से एयरलिफ्ट किये गए लोग
  • सबसे पहले झारखंड सरकार 29 मई को लेह में फंसे लोगो को एयरलिफ्ट किया था जिसमे 60 प्रवासी मजदूरों को झारखंड लाया गया जो झारखंड के अलग अलग जिलों से थे.
  • 30 मई को पोर्ट ब्लेयर में फंसे 180 प्रवासी मजदूरों को एयरलिफ्ट किया गया है.